दूसरे दिन भी बिहार पवेलियन रहा आकर्षण का प्रमुख केंद्र
Bihar Pavilion Remained a major Center of Attraction
फरीदाबाद/दिल्ली। दयाराम वशिष्ठ: भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन भी बिहार सरकार का पवेलियन निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं तथा देश-विदेश से आए आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा स्थापित बिहार पवेलियन में राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश संभावनाओं, टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र की क्षमताओं तथा जीआई टैग एवं पारंपरिक उत्पादों को व्यापक रूप से प्रदर्शित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया बिहार पवेलियन का अवलोकन
भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन बिहार पवेलियन का भ्रमण वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, , कर्नाटक सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग (वस्त्र) की सचिव श्रीमती रोहिणी सिंधुरी दासरी, आईएएस, तथा गुजरात सरकार के उद्योग आयुक्त श्री अमित प्रकाश यादव, आईएएस; भारत टेक्स आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष श्री भद्रेश दोधिया ने किया। इस दौरान हथकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक डॉ. विद्या नंद सिंह तथा उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता की उपस्थिति में अतिथियों ने बिहार के टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र की संभावनाओं, जीआई टैग उत्पादों, हस्तशिल्प, भागलपुरी सिल्क एवं अन्य प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने राज्य की उद्योगोन्मुखी नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण तथा टेक्सटाइल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की सराहना करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं प्रदर्शकों से संवाद किया।

उद्योग विभाग ने प्रदर्शनी परिसर में निवेशकों तक पहुंचाई बिहार की औद्योगिक योजनाएं
भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन उद्योग विभाग की टीम ने प्रदर्शनी के विभिन्न हॉलों का भ्रमण कर निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, खरीदारों एवं उद्यमियों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025, बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर नीति (संशोधित) 2025, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक सुविधाएं, भूमि उपलब्धता, एमएसएमई प्रोत्साहन तथा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न निवेश प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी साझा की गई। साथ ही उन्हें बिहार पवेलियन का भ्रमण कर राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से अवगत होने के लिए आमंत्रित किया गया।
भारत टेक्स 2026 के शेष दिनों में भी बिहार पवेलियन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं तथा "बिहार है तैयार" के विज़न को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, खरीदारों एवं उद्योग जगत के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।